बारिश जंगल मे माँ के साथ मंगल

एक दिन मैं माँ के साथ जंगल के रास्ते से अपने घर जा रहा था तो रास्ते मे बारिश के कारण जंगल मे रुकना पड़ा और बारिश के कारण हमे रास्ते में रुकना पड़ा और फिर क्या कुछ ऐसा हुआ की मैंने सोचा भी नहीं था।

मोम एण्ड सन की चुदाई की कहानी मे मेरा नाम साहिल है और ये मेरी लाइफ की पहली कहानी है देसी वासना कहानी पर और ये मेरी सच्ची कहानी है और हाँ एक और बात काफी लोग बोलेंगे ये कहानी सच्ची नहीं है पर दोस्तो मैं आपको बता दूँ की ये मेरी सच्ची कहानी है क्यूंकी कभी कभी हालात ऐसे बन जाते है की माँ के साथ भी चुदाई हो ही जाती है।

मॉम की चुदाई की कहानी की शुरुआत होती है जब हम किसी प्रोग्राम मे अपनी बुआ के घर पर गए हुए थे और मैं मेरे परिवार के बारे में बात करू हमारे परिवार मे अभी के टाइम मे मैं और मेरी माँ ही थे और वैसे हमारे घर मेरे चाचा चाची और मेरे दादा दादी और मैं और मेरी माँ रहते थी मेरी दोनों बहनों की शादी हो चुकी है।

मैं और मेरी माँ बुआ के घर चले तो गए तो पर हमे आज के आज वापिस अपने घर आना था क्यूनक मैं एक प्राइवेट कंपनी के काम करता था तो मुझे सिर्फ एक ही दिन की छूती मिली थी तो आज आज के मुझे वापिस आना तो अहम बाइक लेकर ही चले गयी ताकि कैसे न कैसे वापिस तू आ सके मैंने और मेरा परिवार जैसलमेर के पास एक छोटे से गावं मे रहते है और दिन मे हमारे यहाँ बस चलती है पर रात को बहुत काम चांस है की वापिस आने के लिए बस मिले।

मुझे और मेरी माँ को हमारे घर से 150 किलोमीटर दूर जाना था तो हम निकाल गए और दोपहर 12 बजे तक हम बुआ के घर पहुँच गए और जल्दी जल्दी करटे करते फिर भी हमे देर हो गई।

हम शाम 7 बजे वहाँ से फ्री हुए और वापिस चलने के लिए निकाल गए पर बुआ ने कहा की आज आज रुक जैसे तैसे आज मौसम खराब है तो बारिश आ सकती है और रास्ते मे रुकने का जगह भी कम है तो दिक्कत होगा बेटा।

पर मैं नहीं रुक सकता था और फिर हम दोनों बाइक परही निकाल गए और फिर 40 km आने के बाद मुझे याद आया की मैं अपना एक मोबाईल बुआ के घर भूल गया और वो मेरे लिए बहुत जरूरी है और इस लिए मैं मोबाईल लेने के फिर से वापिस चल गया ऐसे करते करते मुझे ओर मेरी माँ को निकलते निकलते 10 बज चुके थे और फिर करीब 1 बजे की बात है हमने जैसे तैसे करते करते 100 किलोमीटर की दूरी ते करली थी।

शादी शुदा दीदी की चुदाई

अब भगवान को पता नई क्या चाहिए था की एक दम से बारिश शुरू हो गई ओऔर हम अब एक रेगिस्तान वाले रास्ते मे थे और दूर दूर कोई घर नहीं था और वैसे भी इस टाइम किसी के घर जाना सही नहीं होगा तो हम जैसे तैसे चलते रहे, फिर 5 किलोमीटर जाने के बाद कुछ जायद ही बारिश हो रही थी और ये बात दोस्तो 12 डिसेम्बर की है तो उस टाइम बहुत सर्दी थी।

सर्दी तो थी ऊपर से हमने कोनस सोचा था की हमे इतना देर हो जाएगा और दूसरा रास्ते मे बारिश आ जाएगी तो हमने सिर्फ कुछ ही कपडे लेकर निलकते थे तो मैंने तो अभी भी एक मोटा जैकिट पहन रखा था पर माँ ने सिर्फ एक शॉवल और पतला स स्वेटर पहन रखा था तो माँ बहुत ज्यादा भीग चुकी थी।

मैं भी वैसे भीग ही चुका था तो हम दोनों कप बहुत सर्दी लगने लग गई और माँ बोली बेटासर्दी बहुत लग रही है शायद हमे रुक जाना चाहिए काही न कही पर हमने देखा की रुकने एक कोई भी जगह नहीं दिख रहा है वैसी तो 5 किलोमीटर पहले एक होटल निकला था पर वापिस जाने का ना मेरा मन था और माँ का।

हम दोनों एक पेड़ की नीचे रुक गयी और फिर भी हम सर्दी से ठिठुर रहे थे और फिर हम बाइक को आगे चला लिया और कुछ दूर जाने के बाद एक दम से जोर से बिजली चमकी और उसी बिजली की वजह से दूर हमे एक झोपड़ी दिखी सोचा की वहाँ रुक सकते है और फिर हम दोनों ने बाइक उस तरफ लिया और झोपड़ी की तरफ ले लिया।

हमने वहाँ जाने के बाद देखा की वहाँ कोई नहीं था पर एक बिस्तर पड़ा था और कोई नहीं था शायद ये किसी किसान का था और वो रात को यहाँ पर रुकता होगा और अब हमारे पर कोई रास्ता नहीं था यहाँ रुकने के अलावा।

हम जल्दी से उस झोपड़ी मे चले गए और फिर हम दोनों ने जल्दी से राजाई को अपने ऊपर लेने का सोच पर मम्मी ने कहा की अपने कपडे गीले है तो किसी की बेचारे की राजाई को गीला करेंगे।

इस लिए मैंने अपनी जैकिट को निकाल कर साइड मे सुखनी के लिए रख दिया और फिर माँ ने अपनी स्वेटर को निकाल कर साइड मे सूखा दिया वैसे तो बाहर काफी बारिश हो रही थी पर अंदर पानी नहीं आ रहा था तो मैंने अपनी पेंट को भी निकाल कर सूखा दिया और शर्ट भी अब मैं सिर्फ निकर मे था और मैंने माँ को कहा की आप भी अपने कपडे सूखा दो नहीं तो सर्दी लग जाएगी।

माँ ने कहा की बेटा मैं तुम्हारे सामने कैसे निकालू मैंने माँ से कहा की मैं आपका तो बेटा हूँ गैर थोड़ी हू और वैसे भी रात का टाइम है तो कौंन देखने वाला है हमे और मुझे भी कुछ नहीं दिखा रहा है तो माँ ने अपने सारे कपडे निकाल कर साइड मे रख दिए।

अब माँ भी सिर्फ ब्रा और पेन्टी मे थी।

दोस्तो मैं अपनी माँ के फिगर के बारे मे बात करू तो माँ का फिगर एक दम सेक्सी था और मेरे पापा की मौत केबाद माँ ने कभी सेक्स नहीं किया था तो उनके बूब्स एक दम बड़े बड़े थी यानि 32-30-34 का था जीसे देख कर हर कोई मोहित हो जाए।

अब हम एक ही राजाई थी तो दोनों एक दूसरे से चिपक कर बैठ गए और कुछ देर बाद हम दोनों का शरीर गर्म होने लगा और माँ से कहा की माँ आपके शरीर मे बहुत गर्म है।

पहले माँ की चुत की सफाई और फिर चुदाई

दोस्तो मैंने पहले काभी अपनी माँ को इस नजर से नहीं देखा था पर आज मेरी माँ मेरे साथ सिर्फ ब्रा और पेन्टी मे थी और उनकी बूब्स मेरे सिने से सटे हुए थे और हम ने दूसरे से सट कर बैठे तो मेरा लंड माँ की चुत के एक दम सामने था।

कुछ देर तक तो कुछ नहीं हुआ पर ये लंड किसी रिसते को नहीं देखता है इसे तो किसी औरत का टच चाहिए और ये अपना रूप लेनी लग ही जाता है और मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ और जैसे ही माँ की चुत की गर्मी का अहसाह हुआ तो मेरा लंड खड़ा होने लग गया।

जैसे जैसे मेरा लंड खड़ा हो रहा था तो माँ को भी इसका अहसास हो गया और माँ ने थोड़ा दूर होने की कोसिस की पर हमारे पर एक छोटी से राजाई थी और बाहर निकालने पर सर्दी लग रही थी माँ के ऊपर होने से उनका ही नुकसान और मेरे लंड को एक रास्ता मिल गया यानि मेरा लंड उनकी चुत की एक दम सट गया।

अब मेरा लंड माँ की चुत को टच कर रहा था और कुछ देर बाद माँ की चुत भी गर्म होने लग गई और फिर क्या मेरा लंड एक दम से पूरा तन गया और माँ की चुत मे चुबने लग गया।

हम दोनों एक दूसरे से कुछ नहीं बोल रहे थे पर हम जानते थे की ये गलत है पर ठंड की मजबूरी थी हम कर भी कुछ नहीं कर सकते थे।

अब माँ थोड़ा ऊपर उठी तो मेरा लंड मेरी निकर से बाहर निकाल गया क्यूंकी मैंने वी शैप का निकर पहन रखा था तो जैसे ही मेरा लंड बाहर आया तो माँ की चुत की गर्मी की मे लग गया और माँ ने भी एक दम पतली सी पेन्टी पहन रखी थी ये तो सीधा उनकी चुत मे लग गया।

अब मैं पीछे होने ही वाला था तो माँ ने बोला की अब जो हो रहा है होने दे यार अब मैं भी नहीं रहा सकती।

जब मैंने माँ के मुहँ से ये सुना तो मैंने माँ से कहा की सॉरी माँ मेरी गलती नहीं है बहुत दिन से किसी की चुत नहीं ली है तो चुत की गर्मी से ये खड़ा हो गया है।

माँ की चुदाई की कहनी मे माँ बोली की मेरा बेटा जवान हो गया मतलब चुत लेने लग गया है और फिर माँ बोली अब देर मत कर यार सहन नहीं हो रहा है तेरा लंड मुझे तंग कर रहा है तो जल्दीडाल दे अंदर।

शादी शुदा दीदी की चुदाई

मैंने माँ से कहा की माँ आप लेट जाओ और हमे सर्दी भी नहीं लगेगी और हमारा काम भी हो जाएगा।

माँ ने ठीक वैसा ही किया और माँ नीचे लेट गए और मैं माँ के ऊपर आ गया और लेटने से पहले मैं और माँ ने अपने सारे कपडे निकाल कर साइड मे रख दिए अब मैं और माँ एक दम नंगे थे और फिर मैंने माँ के बूब्स को चूसना शुरू कर दिया और धीरे धीरे उनकी चुत पर आ गया माँ की चुत पर हल्के हल्के बाल थे और मैंने बालों के अंदर से माँ की चुत को चाटना शुरू कर दिया और जैसे ही मैंने माँ की चुत को चाटना शुरू किया तो माँ की सिसकारियाँ निकालने लग गई।

आह बेटा वाह बेटा तू तो तेरे बाप से भी बढ़िया चुत चाटता है उहह और जोर से आह म मर रही थी यार।

मैंने कुछ देर तक चुत को चाटने के बाद खड़ा हुआ और माँ के मुहँ के सामने अपनी लंड को कर दिया और माँ ने भी देर न करते हुए मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया और अब थोड़े ही देर मे मेरे लंड ने माँ के मुह मे ही दार माँर दी।

माँ ने मेरे लंड को चाट का साफ कर दिया और माँ बोली बेटा तेरा तो हो गया पर मेरा क्या मेरी चुत मे तो अभी भी आग लगी हुए है।

मैंने कहा ये तो अपना ही है और ये तो फिर से खड़ा हो जाएगा माँ माँ ने मेरे लंड को सहलन शुरू कर दिया कुछ ही दे मे मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और इस बार माँ ने फिर से मेरे लंड को अपने मुहँ मे लेकर गीला कर दिया और बोली की बेटा मेरी आग को शांत कर दे बेटा मैं मेरी जा रही हूँ यार सच मे जल्दी कर यार।

मैं खड़ा हुआ और माँ की चुत पर थोड़ा सा थूक लगाया और लंड को सेट करके एक ही झटके मे आधा लंड माँ की चुत मे पेल दिया और बहुत साल हो गए थे माँ को चुदाई कीये हुए तो उनके बहुत दर्द हुआ और वो रोने लग गई और मैंने माँ से कहा की माँ बाहर निकाल लू क्या?

माँ ने कहा की तू अपना काम कर यार दर्द तो होगा कितने साल हो गए इसमे कुछ नहीं गया है तो टाइट हो गई है आज अपने बेटे का लंड ले रही है।

आज बेटा तूने मेरी दूसरी बार फाड़ दी है एक तो जब जन्म लिया और अब चुदाई करके मैं हसने लग गया और एक और झटका दिया और अपना पूरा का पूरा लंड अपनी माँ की चुत मई पेल दिया।

अब मैंने चुदाई शुरू कर दिया और माँ ने भी आहें भरना शुरू कर दिया और आह आह आह और जोर से बेटा आह आह ओह और जोर से बेटा फाड़ दे अपनी माँ कि चुत को और जोर से आह आह बेटा………

कुछ देर बाद मैंने अपने माल को अपनी माँ की चुत मे छोड़ दिया और माँ के ऊपर ही लेट गया और लंड को बाहर निकले ही बिना और फिर अब एक बार फिर से माँ का मूड बना गया और फिर से हमने चुदाई की और फिर क्या जब हम लैस बार चुदाई कर रहे थे एक दम से एक किसान आ गया और हम दोनों को चुदाई करते हुए पकड़ लिया।

हमने अपनी चुदाई पूरी की और उस किसान ने भी मेरी माँ की चुत मारी एक बार और तब तक 5 बज चुके थे और बारिश भी रुक चुकी थी और हम अपने घर की तरफ निकाल गए।

घर जाने के बाद माँ कुछ दिन मरे साथ नहीं बोली पर एक दिन माँ ने फिर से मुझे चुदाई के लिए बुलाया और फिर हमने एक बार फिर से चुदाई की और उस दिन ही मैंने अपनी चाची की भी चुदाई की।

दोस्तो मैंने आपको अगली कहानी मे बताऊँगा की उस किसान के आने के बाद काय हुआ और मैंने अपनी चाची की चुदाई कैसे की ।

दोस्तो आज की मेरी कहानी कैसी लगी प्लीज अपना कीमती कमेन्ट जरूर छोड़े।

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