पड़ोसन आंटी और उनकी बेटी की चुदाई

आंटी फक कहानी मे मेरे घर के पास के आंटी रहती थी, आंटी दिखने मे काफी सेक्सी थी और उसी के साथ उनकी बेटी भी आंटी की तरह सेक्सी थी, मेरी किसमत काम की और एक दिन मैं आंटी के घर सोया तो मैंने आंटी को चोद दिया और फिर एक दिन मैं उनकी बेटी के हॉस्टल घगया तो मैंने वहाँ पर उनकी बेटी को पेल दिया।

मेरा नाम विक्की है और दिल्ली के पास एक छोटे से गावं मे रहता हूँ और मेरे ही पड़ोस मे आंटी रहती थी मैं उन्हे बहुत पसंद करता था और मैंने बहुत बार आंटी के नाम की मुट्ठी भी मारी है और मैं ही नहीं उन्हे जो भी देखता तो वो भी ऐसा ही करता होगा क्यूंकी आंटी का फिगर ही ऐसा था।

आंटी का फिगर की बात करे 36-30-32 थी। मैं ही नहीं आंटी भी मुझे देख कर मेरे पर लट्टू थी क्यूंकी मेरा भी बॉडी ठीक था क्यूंकी मैं भी जिम किया करता था मैं बचपन से हिन जिम किया करता था तो ममेरा भी अच्छा खासा शरीर है।

जब मैं आंटी को देखता था तो आंटी भी मुझे देखा करती थी और उनकी चुत भी दो साल से भूखी थी लंड थी मुझे ये बात आंटी की चुदाई के टाइम पता चला।

परिवार की लड़कियों की चुदाई की कहानी

एक दिन की बात है आंटी की पति किसी काम से बाहर चले गए थे और आंटी की घर पर अकेले को डर लगता है तो वो मेरे घर पर आए क्यूंकी आंटी मेरे मम्मी की अच्छी सहेली थी तो सबसे पहले मेरे मम्मी के पास आते है हमेशा तो आज भी वो मेरे घर आ गए।

आंटी ने आते ही बोला की तेरे जिजू किसी काम से दूसरे शहर गए तो क्या तूँ विक्की को कुछ दिन के लिए मेरे घर पर बेझ सकती है क्या दिन मे वापिस आ जय करना पर रात को मेरे पास सो जाए यार रात मे मुझे अकेले मे डर लगता है।

मम्मी ने मुझे पूछा तो मैंने हाँ कर दिया क्यूंकी मैं तो चाहता ही यही था की कैसे न कैसे आंटी के घर सोने को मिल जाए रात मे कैसे न कैसे आंटीकी चुदाई कर दूँ। आंटी अपने घर चले गए और फिर क्या रात होने को हुई तो मम्मी के पास आंटी का कॉल आया और बोले की विक्की आया नहीं अभीतक क्या हुआ।

मम्मी ने मुझे आवाज लगाई की क्या हुआ बेटा तेरी आंटी का कॉल आ रहा है कब तक जाएगा।

मैं आवाज लगाई की बस 10 मिनट मे जा रहा हूँ मैं बाथरूम मे था और अपनी झाटें साफ कर रहा था क्यूंकी मैंने सोच लिया था की आज कुछ भी हो जाए आज तो आंटी की चुत का दर्शन करने ही करने है और उनकी चुत मे अपने लंड को पेलना ही है कैसे भी और कुछ भी हो जाए।

मैं आंटी के घर गया और आंटी ने एक पतली सी नाइटी पहन रखी थी और जिसमे से उनके बूब्स एक साफ साफ दिखाई दे रहे थे और मैं भी उन्हे देख कर मदहोस हो रहा था ऐसा लग रहा था अभी पकड़ कर चूस लूँ और इनका दूध पी लूँ।

रात हुए और हम दोनों ने खाना खाया और फिर हम दोनों ही सोने के बिसतेर पर आगए और कुछ ही देर मे आंटी को नींद आ गई पर मुझे कहा नींद आने वाली थी मुझे तो आंटी की चुत के खयाल आ रहे थे की कैसे उनकी चुत मेअपना लंड दयालु और कैसे उनके बूब्स का दूध पीऊँ।

कुछ देर बाद आंटी ने मेरी तरफ करवट ली और उनकी नाइटी से उनके बूब्स बाहर दिखने लगे यानि आंटी ने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी और मैंने भी अब हिम्मत करके अपने एक हाथ को आंटी के बूब्स पर रख दिया और फिर क्या कुछ देर मैंने हाथ को ऐसे ही रखे रखा और फिर मैंने धीरे धीरे उनके बूब्स पर हाथ को चलना शुरुर कर दिया और फिर मेरा मूड हुआ की मैं उनके बूब्स को अपने मुहँ मे लेउ तो मैं नजदीक गया और उनके एक बूब्स पर अपना मुहँ रख दिया और फिर क्या कुछ देर बाद चूसने के बाद आंटी उठ गई और आंटी एक दम चोंक गई और बोली बेटा ये क्या कर रहा है?

रात के अंधेरे में मां की चुदाई-Family Sex Stories

मैंने आंटी से कहा की आंटी आज आज चुप रहा जाओ आज मत रोको पर आंटी हाँ नहीं कर रही थी मैंने धक्के से आंटी के होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उनके तेज तेज किस करने लगा कुछ देर तक तो आंटी ने न नुकर किया पर कुछ ही देर में आंटी ने भी साथ देना शुरू कर दिया।

अब हम काफी देर तक एक दूसरे को किस करते रहे। अब मैंने आंटी के होंठ से अपने होंठ साइड किए तो आंटी बोली बड़े कमीने हो यार तूँ तो?

मैंने आंटी को कहा की आपने भी कौनसा काम हो जानभुजकर मेरे सामने मेरे अपने बड़े बड़े और मस्त बूब्स दिखाते हो। मैं क्या करू मैं मजबूर हो गया था आपकी चुदाई के लिए।

आंटी बोली चल अब छोड़ अब जो करना है वो करो।

मैं खड़ा हुआ और आंटी के बूब्स को चूसने लग गया और फिर धीरे धीरे मैं उनके पेट से हुए जांघों पर आ गया और फिर धीरे धीरे मैं उनकी चुत पर आ गया और फिर कुछ देर बाद मैं उनकी चुत को किस करता रहा और फिर क्या उनकी चुत से पानी निकालने लग गया।

मैं आंटी की चुत का पानी पीने लग गया और सच मे दोस्तों आंटी की चुदाई की कहानी मे सच मे मुझे बहुत मजा आ रहा था और फिर कुछ देर तक आंटी की चुत का पानी पीने के बाद आंटी बोली बहन चोद चोद दे मेरी चुत को कब चोदेगा मैंमारी जा रही हूँ लंड के लिए जल्दी कर।

मैंने उनके मुहँ से जब ऐसी ऐसी गालियां सुनी तो मेरा भी मूड बना गया और मैंने आंटी से कहा की बस थोड़ा सा रुक जा मेरी रंडी अभी तेरी चुत को फाड़ कर इसका बोसड़ा बना देता हूँ।

आंटी बोली कुछ भी कर फाड़ दे मेरी चुत को मैं मरी जा रही हूँ तेरा लंड लेने के लिए अब मैं खड़ा हुआ और अपने लंड को आंटी की चुत पर रगड़ने लग गया और कुछ ही देर मे आंटी नीचे से अपनी गंड उठा कर मेरे लंड को अंदर लेना चाह रही थी और साथ मे गालियां दे रही थी की कुठे बहन चोद डाल दे मेरी चुत मे कितना तड़फाए गया मुझे अब बस कर।

मैंने भी कह दिया की अब कह रही है की डाल दे बाद मे मत कहाँ मेरी रंडी की बस कर आज से तू मेरी रखेल है और मैं रोज तुझे ऐसे चोद कर जय करूंगा और साथ मे तेरी गांड भी मारूँगा अभी तो बस थोड़ा देर और मेरी रांड।

मैंने भी अब अपने साथ इंच के लंड को आंटी की चुत मे उतार दिया एक ही झटके मे जैसे ही मेरा लंड आंटी की चुत मे गया तो आंटी एक दम चिल्लाने लागि और बोली हाय फाड़ दी मेरी चुत बाहर निकल इसे बहुत मोटा है सेल कुत्ते मदर चोद लंड है या रोड क्या है ये जलन हो रही है मेरी चुत मे एक ही झटके मे।

मौसी माँ की चुदाई की कहानी-Family Sex Stories in Hindi

मैंने कहा की रुक जा मेरी रांड अभी तो तेरी चुत को फाड़ कर इसका बोसद बना कर रहूँगा फिर बात करते है क्या है ये।

मैं अब बिना रुके हुए आंटी की चुत की चुदाई करने मे लग गया और फिर क्या आंटी भी अपनी गांड उठा उठा कर मेरे लंड को अपनी चुत मे लेने लग गई और साथ मे प्यार से बोल रही थी आह जान सच मे मजा दे दिया आज तूने आज औरे दो साल मेरी चुत मे किसी का लंड गया यही कब से तरस रही हूँ मैं।

मैंने कहा की दो साल क्यू आंटी आपके तो पति है नअभी तक फिर कैसे मैं कुछ समझ नहीं यार?

आंटी बोली की उसका तो साले का लूली है साले की उसके बरोशे तो मैं माँ ही नहीं बनती ये तो ठीक हुआ मेरा जवानी का यार था उसने मेरी चुदाई की और मैं माँ बन गई और ये तो साल दिखने मे मर्द है बाकी तो इसमे कुछ नहीं छोड़ जान क्या लेना है अपने उससे तूँ बस मेरी चुत की चुदाई कर।

आज से मैं तेरी रखेल हूँ जब कहेगा तब मैं अपनी चुत की चुदाई करवा लिया करूंगी तेरे से जब बोलेगा जहा बोलेगा मैं आऊँगी बस ये लंड मेरा है आज से।

मैंने भी कह दियाअ हाँ मेरी राँदी आज से ये लंड तेरा है जब चाहे तू इसे अपनी चुत मे और जब चाहे तब इसे गांड मे ले सकती है। मैं वैसे ही आंटी की चुदाई करता रहा और फिर कुछ देर बाद आंटी उठी और मेरे लंड पर बैठ कर अपनी चुत मे मेर लंड को लेने लग गई और फिर क्या अब मुझे ऐसा लग रहे था की मैं जन्नत मे हूँ।

करीब 20 मिनट तक हमारी चुदाई चली और फिर मेरा माल निकाल गया और मैं साइड मे लेट गया लेकिन आंटी का अभी तक मन नहीं भरा था तो आंटी उठी और मेरे लंड पर लगे हुए माल को चूसने मे लग गई ओर उसे फिर से टाइट करने मे लग गई और कुछ ही देर मे मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया ओर फिर मैंने आंटी को फिर से एक पेल दिया।

अब मेरा मन आंटी की गांड मारने का हुआ तो मैंने आंटी को कह दिया की जान मेरा तेरी गांड मारने का कर ररह है यार एक बार मारने दे न यार।

आंटी ने कुछ नहीं कहा और फिर मैंने भी देर न करते हुए आंटी को डोंगी बना लिया और उनकी गांड मे अपने लंड को सेट किया और एक ही झटके मे पेल दिया इस बार तो आंटी की आँख से आँसू आ गए और फिर क्या मैं कोनस रुकेने वाला था मैंने तो चुदाई शुरू करदी गांड की।

करीब आधे घंटे तक चुदाई के बाद हम दोनों थक गए और वैसे ही एक दूसरे से चिपक कर सो गए।

मैडम ने मुझे घर बुलाया और अपनी चुत दिखाई

मैं सुबह उठा तो मैंने देखा की आंटी बिना कपड़ों के ही मेरे साथ सो रही थी और मैं भी बिना कपड़ों के ही था और आंटी की मोती गांड देख कर मेरा एक बार फिर से लंड खड़ा हो गया और मैंने सोई हुई आंटी की चुत मे एक बार फीर से आपने लंड को पेल दिया और जब मैंने झटके मारने शुरू कीये तो एक दाम से आंटी उठी और बोली की जानचाय तो पी लेते फिर कर लेना।

मैंने कहा की मुझे तो आपका चुत का पानी पीना है तो चाय कौन पिए भला।

आंटी हँसते हुए अपनी चुत मरवाने मे लग गई और फिर क्या अब हम दोनों काफी देर तक चुदाई करते रहे फिर मैं नह डोकर अपने घर चला गया अब जब भी मुझे मौका मिलता तो मैं आंटी की चुदाई कर देता दिन मे रात मे जब भी मौका मिलता है एक बार तो मैं और आंटी उनकी बेटी से मिलने उसके हॉस्टल गए तो मेरा उसकी बेटी को चोदने का होने लग गया और फिर क्या मन किया तो पेल दिया साली को रंडी की बेटी रंडी बना दिया मैंने थी तो नहीं पर मैंने चोद चोद कर बनादिया और आंटी की बेटी की कहानी सच मे मसत है उस कहनी को मिस मत करना औसक अगला भाग नीचे लिंक मे है।

Next Stroy :- click here

Leave a Comment